photo of woman sitting on wood

कितना मजा आता है। दूसरों को नीचा दिखाने में, उसको उसकी औकात दिखाने में, कि तुम देखो कितने नाकाम हो ! तुम आज भी वही हो जहां कल थे। तुम्हारी औकात यही है। यह सारी निंदक बातें बताने में कितना मजा आता है। लेकिन यह सारी बातें दिखने में जितनी आम लगती हैं उतनी ही यह दिल को छलनी करने वाली होती है। निंदक बातें करने में जो मजा है। वह आम बातों में नहीं है। निंदक बातें करने का दायित्व केवल और केवल हमारे जान पहचान वालों का है क्योंकि वही लोग हैं जो हम को जानते हैं और हमारी व्यर्थ बातों को निंदक के प्रथम पायदान पर रखते है।

तानो की बौछार

हमारे आसपास ऐसे बहुत से लोग हैं। जिनको सिर्फ इस बात का इंतजार रहता है कि कब उनको मौका मिले और कब आप की नाकामी को लेकर तानों की बौछार कर सके? कब फिर से आपको हताश और निराश कर सके । आप की विफलता पर आपके पास शाहनभूति की चादर ओढ़ कर आये और आप की विफलता का पोस्टमार्टम कर सके। और अपना असली चेहरा दिखा सके । उनका मूल रूप देखकर आप हक्का-बक्का हो जाएंगे। आपके जख्मों पर नमक छिड़कने लगेंगे। आप की नाकामी का ऐसा बखान करेंगे कि आप खुद ही शर्मिंदा हो जाएंगे। फिर चाहे वह हाई स्कूल में फेल होने के बात हो या पहली बार की लड़ाई झगड़ा की बात हो या फिर पहले प्यार की बात हो बस अपने नाते रिश्तेदारों को पता चलने कि देर होती है यही लोग आपके पूरी दुनिया में बखान कर देंगे।

जोंक की तरह चिपक जाना

सबसे बड़ी चुनौती तो उन लोगों के सामने खड़ी हो जाती है। जो नकारात्मक सोच वालों का पुरजोर विरोध कर उनके सामने प्रतिद्वंदी जैसी स्थिति खड़ी कर देते हैं। ऐसे लोग जोंक की तरह चिपक कर आप का धीरे-धीरे खून चूसते लगते हैं और हर कदम पर नीचा दिखाने के लिए तैयार खड़े रहते हैं सोचिए क्या स्थिति होती होगी उन लोगों की जो अपना मुकाम हासिल करने के लिए दिन-रात संघर्ष करते हैं और ऐसे लोगों का भी सामना करते हैं जो कांटों की तरह कदम के नीचे बिछे रहते हैं। और बस इसी इंतजार मे रहते हैं। कब आप उधर से गुजरे और कब उनके निंदक रूपी कांटे आपको छलनी कर जाए और अपना मनोबल तोड़वा कर जाए।

विरोधियों की गैंग अपने ही लोगो की होती है

कमाल के बाद तो तब होती है। जब उनके विरोधियों की गैंग में कोई और नहीं वही लोग होते हैं। जिनको आप बचपन से देखते चले आते हैं। कोई न कोई आपका रिश्तेदार, भाई, भतीजा व नातेदार होते है।

जिसका तालमेल आपसे नहीं बैठता दिखा, वह विरोधियों की गैंग में शामिल हो गया। वह भले खुद की खबर ना रखे, लेकिन आपकी हर एक हरकत पर खबर रखने लगते हैं। शायद यही उनका प्यार है। क्योंकि ऐसे लोग आप को अपने से दूर जाने नहीं देंगे और खुद दूर होंगे नहीं। और हमारा समाज व सभ्यता साथ जुड़े रहने की सीख देता है इसलिए कहीं ना कहीं, किसी न किसी की शादी ब्याह, व तीज त्यौहार में टकरा ही जाएंगे । तब आप की अच्छी खासी क्लास ले ली जाएगी। खैरियत इसी में है कि बड़ों का आदर करो और छोटे बनकर सबकी बातें सुनो। अपने मन को तसल्ली इसी से दे दो कि लोगों का काम है कहना और बातें करना।

लोगों का यही काम होता है। क्योंकि हर छोटे-मोटे मौकों पर आपके घर पर मेहमान बनकर इकट्ठा हो जाते हैं और फिर सवालों की बौछार शुरू कर देते हैं। जैसे पढ़ाई खत्म कर ली, अच्छा वहां से पढ़ाई क्यों ? की, यह डिग्री क्यों नहीं ली, नौकरी क्यों नहीं मिली, क्यों इतनी कम तनख्वाह पर काम कर रहे हो, क्यों कपड़ा ब्रांडेड नहीं पहनते हो वगैरा-वगैरा।

आपकी हैसियत आपकी कमाई से ही आँकी जाने वाली है। यहां पर एक और बात सोचने वाली होती है कि यह मेहमान लोग आपके ही घर में, आपकी चाय की चुस्की लेते लेते, आपके ही मां-बाप के सामने, आप की वाट लगा देते हैं। जवाब कुछ दे नहीं सकते हैं। क्यों? क्योंकि फिर आपके मां-बाप के दिए संस्कारों पर उंगली उठने लगेगी। भलाई इसी में रहती है कि चुपचाप खड़े होकर, उनकी सारी बातों को सुनकर खून खौलाते जाओ। पारा इतना बढ़ जाता है कि A.C भी फेल हो जाता है। सलामती इसी में रहती है कि अपना सा मुंह लेकर, अपने कमरे में चुपचाप चले जाओ और दुगनी मेहनत करके, अपने काम में जुट जाओ और सफल हो जाओ।

तीखे बाणों की बौछार

अच्छा !जाने अनजाने में ऐसे लोग कभी कभी आपको सही रास्ता दिखा कर चले जाते हैं। अगर कभी आप अपने मुकाम से भटकने लगते हैं तो ऐसे लोग आकर आपको ताना मार क़र संभाल ले जाते हैं।

सच्चाई तो यही है की अगर ऐसे लोगों का आपके घर आना जाना है। तो मजाल है कि आप किसी गलत संगत में पड़ जाये और मान लो अगर कभी भटक भी जाते हैं तो ऐसे लोग आकर आपके घर में तीखे बाणों की पिच हाई करके आप को सही रास्ते पर ले आएंगे। शुरुआती दौर में ही आप को सुधार देंगे। ऐसे लोग ताने मार कर आप को संभाल ले जाते हैं।

अच्छी सोच सभी परिस्थितियों पर विजय प्राप्त करती है

बढ़िया यही है कि उनके नकारात्मक भाव को आप सकारात्मक सोच में बदलकर अपनी मंजिल की सीढ़ी चढ़ने में लगाएं। और जिस दिन आप अपने लक्ष्य तक पहुंच जाएंगे वही दिन आपके विरोधियों का मुंह तोड़ जवाब बन जाएगा। क्योंकि अच्छी सोच सभी परिस्थितियों पर विजय प्राप्त करती है। एसलिए हमेशा सकारात्मक सोच के साथ साथ नकारात्मक भाव को भी वही स्थान दे, क्योंकि वही नकारात्मक लोग थे जो आपको, आपके मुद्दे से भटकने नहीं दिए और तीखे बाणों से आपको आपकी मंजिल तक ले गए।

Disclaimer – यहां पर लिखी सभी post किसी भी धर्म, मानवता के विपरीत नहीं है। यह केवल सिर्फ मेरे विचार हैं। जो केवल reader को अपने विचारों से अवगत कराना है। मेरे विचारों से सहमत होना या ना होना यह उनके विचारों पर निर्भर करता है। यहां जो भी कंटेंट है उसके सारे copyright, neetuhindi.com के हैं।

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One thought on “कटाक्ष: (तीखे स्वर )”

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