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बढ़ती उम्र व डोर है जो जितना ज्यादा लंबी होती जाती है वह उतने ही अपने आयाम को फैलाती जाती है। अपने आसपास के दायरे के साथ-साथ बौद्धिक और शारीरिक रूप से भी कई फेरबदल करती रहती है। बचपन के उम्र के दौर में खेलकूद, स्नेह, प्यार, लगाव आदि बंधनों से व्यक्ति को जकड़े रहती है और जब वही व्यक्ति किशोरावस्था मे कदम रखता है, तब उसकी शारीरिक और आंतरिक रूप में परिवर्तनों का दौर चलता है। जब वह उम्र वृद्धावस्था में पहुंचती है। तब वह शांति और सुकून की तलाश में जुट जाती है। उम्र की कई विशेषताएं होती हैं। उम्र प्रायः तीन कालो में बटा होता है जिस का हिस्सा प्रत्येक सजीव होता है।

40 के बाद बढ़ती उम्र को रोकना मुश्किल

इस संसार में कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं होगा जो बुढ़ापे को चाहेगा। प्रत्येक व्यक्ति बस जवान होने की चाह रखता है। किंतु कुदरत का नियम ऐसा है कि कोई भी सजीव व्यक्ति, वस्तु, प्राकृतिक कायाकल्प को नहीं बदल सकता है। उम्र को थामने के लिए आज बाजार में बहुत से उत्पाद मौजूद है । सच्चाई सब जानते हैं कि वक्त को थामना किसी के बस में नहीं है। फिर भी सभी लोग जान के अंजान की चादर लपेटे हुए रहते हैं। व्यक्ति को हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि कैसे वह उम्र के साथ-साथ अपनी सेहत का ध्यान रख सके। सच्चाई तो यह है कि बढ़ती उम्र को रोकना किसी के हाथ में नहीं है। लेकिन खुद को कैसे स्वस्थ रखें ? बढ़ती उम्र में खुद को कैसे देखभाल करें ? जिससे कि बुढ़ापा वक्त से पहले ना आए। ऐसा क्या करें ? कि बुढ़ापे में भी हमारे हाथ पैर सही सलामत काम करते रहे । आज इसी के विषय के बारे में जानकारी लेते हैं।

40 के बाद खुद की देखभाल करना शुरू करें

मैं वास्तविक रूप से कुछ ऐसे लोगों को जानती हूं। जो 80 और 90 साल में भी स्वस्थ है। खुद अपनी देखभाल स्वयं करते हैं। अगर उनके हाथ पैर और चेहरे की झुर्रियों को छोड़ दिया जाए । तो आज भी वह जवान है, क्योंकि वह अपने रोजमर्रा के काम स्वयं करते हैं। अहम सवाल यह उठता है कि हम किस उम्र में सचेत हो जाएं और अपने बुढ़ापे को संवार सकें। तथा किस उम्र में पहले से ज्यादा देखभाल करना शुरू कर दें।

सबसे जरूरी बात यह होती है कि 40 उम्र पार करते ही सबसे पहले सेहत को लेकर सजग हो जाए। हो सके तो जितनी कोशिश करें अपना काम स्वयं करें। किसी पर आश्रित ना रहे। इससे दैनिक कार्यों मे फुर्ती बनी रहेगी। फिर उसके बाद अपने खान-पान की आदतों को गहनता से विचार करें। स्वस्थ रहने के लिए 40 की उम्र पार करते ही भारी भोजन को धीरे-धीरे अलविदा कह दे। उम्र के हिसाब से अपना वजन नापे ज्यादा मीठा और नमक खाना बंद कर दे। वह कहते हैं ना कि पेड़ जितना भी पुराना होता जाता है उसकी जड़े उतनी ही मजबूत होती जाती है वह अपनी जड़ों को जमीन के अंदर मजबूती से पकड़ बनाने लगता है ताकि कोई भी आंधी तूफान उसका कुछ बिगड़ ना सके ठीक उसी तरह अपनी सेहत को मजबूती प्रदान करना सीखे ताकि कोई भी छोटी मोटी बीमारी आप को शिकार ना बना सके ।

40 के बाद सेहत पर ध्यान दें

40 उम्र के बाद सबसे जरूरी बात यह होती है कि हम अपने स्वास्थ्य के लिए कितना समय निकालते हैं । उसके लिए कितना प्रयास करते हैं। 40 उम्र के बाद सबसे ज्यादा असर आपकी सेहत पर और क्षमता पर पड़ता है । इससे आपकी सेहत संबंधी जरूरतों भी बदल जाती हैं। और 40 उम्र के बाद स्वास्थ संबंधी समस्याएं बढ़ने की आशंका अधिक हो जाती है । इसलिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप 40 के बाद कितने सजग रहते हैं। अपनी बढ़ती उम्र की देखभाल करने के लिए कुछ उपायों का पालन जरूर करना चाहिए। अगर कुछ निम्नलिखित उपाय आपने अपनी जिंदगी में शामिल कर लिया तो 40 के बाद आपकी जिंदगी सेहत से जुड़ी कठिनाइयों से सामना नहीं करना पड़ेगा। कुछ उपाय एक-एक करके बताती हूं।

40 उम्र के बाद सेहत को सुधारने के उपाय

40 की उम्र पार करते ही, ज्यादातर छोटी-छोटी बातों से तनाव बढ़ने लगता है और चिड़चिड़ापन हावी होने लगता है। जिससे कि दिमाग भी कम होने लगता है। इसलिए 40 की उम्र पार करते ही योगा, व्यायाम, मेडिटेशन, संगीत को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए और साथ ही साथ वह काम भी करना शुरू कर देना चाहिए, जिन कामों में आपकी रूचि हो। इससे आपको मानसिक सुकून मिलेगा।

40 की उम्र के बाद भोजन मे विशेषता

40 उम्र के बाद शरीर में विटामिन मिनरल्स कैल्शियम आयरन एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे तत्वों की कमी महसूस होने लगती है इसलिए अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए भोजन में ऐसी चीजों को अधिक मात्रा में शामिल करें जिससे कि आपका भोजन पोषक तत्वों से भरपूर हो, आपके शरीर के सभी अंगों और मांसपेशियों की मजबूती बनी रहे अपने खान-पान का ध्यान रखें इससे शरीर के अंदर की आंतरिक मशीनें स्वस्थ रहेंगी। कोशिश करें कि बढ़ती उम्र के अनुसार ही अपने भोजन का सेवन कम कर दे और संतुलित मात्रा में ही अपने भोजन को प्रयोग करें। ताकि पाचन तंत्र सुचारू रूप से काम करता रहे।

40 के बाद अपने भोजन में क्या शामिल करें

40 की उम्र पार करते ही व्यक्ति को एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार लेना चाहिए। उससे हरी सब्जियां, फल, सलाद, ग्रीन टी आदि का सेवन करते रहना चाहिए। 40 की उम्र के बाद व्यक्ति को साबुत अनाज को अपने भोजन में शामिल करना चाहिए।

40 की उम्र पार करते ही व्यक्ति को ओमेगा 3 ओमेगा 6, फैटी एसिड युक्त तेल को खाने में इस्तेमाल 5 करना चाहिए। इसके अलावा बादाम आलसी तिल के बीज मूंगफली और अखरोट का प्रयोग करना चाहिए । इन में ओमेगा-3 पाया जाता है और यह केलेस्ट्रॉल फ्री भी होता है।

40 की उम्र के बाद अपनी दिनचर्या में बदलाव लाएं

40 की उम्र पार करते ही बेहतर होगा कि आप अपनी आदतों और दिनचर्या में बदलाव लाएं। 40 की उम्र के बाद भी सेहत को सुधार सकते हैं। घर पर बने पौष्टिक भोजन और सूप के सेवन से सेहत को बहुत से फायदे मिल सकते हैं। 40 के बाद आपकी सेहत आपके हाथ में होती है।

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