cheerful woman on grass lawn in countryside

संघर्ष की राह पर जो चलता है, वही दुनिया बदल सकता है। यह जिंदगी आसान नहीं है। जिंदगी हर मोड़ पर इंतिहान लेती है। एक जिंदगी में कई चुनौतियां आती हैं और उन चुनौतियों को लक्ष्य बनाकर उन पर विजय पाना एक महत्वपूर्ण जिंदगी का उद्देश होना चाहिए। बिना आधार के जिंदगी का कोई अस्तित्व नहीं रहता है । जिंदगी को सुकून तभी मिलता है, जब वह जिंदगी अपनों के साथ होती है। अपनों के साथ जिंदगी हो तो जिंदगी की हर कठिनाई से लड़ने में मदद होती है।

जिंदगी को पांच तरीकों को अपनाकर, आप स्वयं की वह अपनों से जुड़े लोगों की जिंदगी प्रेरणादायक बना सकते हैं। ये पांच तरीके जिंदगी को बदलने वाले हैं। अगर यह पांच विचार आपने जिंदगी में अपना लिया तो यह विचार आपकी जिंदगी में सफलता की आखरी सीढ़ियों तक पहुंचाएगा।

पहला विचार – सकारात्मक सोच

सकारात्मकता एक ऐसी ऊर्जा होती है, की जिसके पास भी सकरात्मक ऊर्जा है, तो वह व्यक्ति स्वम तो उस उर्जा से ऊर्ज्वंतित होता ही है, दुसरो को भी उस ऊर्जा से ऊर्ज्वंतित करता है। हम जैसी ऊर्जा दूसरों को देंगे, बदले में वैसी ही ऊर्जा हमको प्राप्त होगी।

हमेशा सकारात्मक दृष्टि रखनी चाहिए कोई भी, कैसी भी, स्थिति या परिस्थिति बने लेकिन स्वयं की दृष्टि हमेशा सकारात्मक होनी चाहिए। अगर तिनके जितना भी नकारात्मक भाव उत्पन्न हो जाएगा तो वह स्थिति विकट से संकट में तब्दील हो जाएगी। सकारात्मकता किसी भी परिस्थिति या घटना को बदलने या सहने की क्षमता प्रदान करता है। सकारात्मकता बड़ी से बड़ी घटनाओं को भी शांत से झेलने का विचार उत्पन्न कर आता है।

दूसरा विचार – रिश्तो की कद्र करना

अपनी जिंदगी में हमेशा रिश्तो की कद्र करनी चाहिए। मेरा मानना है कि अपनी जिंदगी मैं पहला स्थान स्वयं के परिवार के लिए होना चाहिए। दूसरा स्थान रिश्तेदारों के लिए होना चाहिए। और तीसरा स्थान दोस्तों के लिए और चौथा स्थान समाज के लिए रखना चाहिए।

अपने रिश्तो में स्पष्टता रखेंगे तो कभी उसमें नहीं उलझना चाहिए। समझना यह होगा कि आप अपनी जिंदगी में किस रिश्तो को किस अहमियत के पायदान पर रखते हैं। अपने रिश्तो में क्रम रखना आवश्यक होता है। सबको इंपॉर्टेंट देना आपकी सफलता को दिखाता है क्योंकि मेरा मानना है कि रिश्ते से ही रिश्तेदार होते हैं। फिर आप की नजर दोस्तों पर होनी चाहिए और दोस्ती निभाने के लिए समाज की जरूरत पड़ती है।

तीसरा विचार – पारदर्शिता रखना

जब मनुष्य बड़ा होता है तो उसके पास कई जिम्मेदारियां भी आ जाती है। जिम्मेदारियों को पूरा करना मनुष्य की प्राथमिकता होती है। मनुष्य की मजबूती उसकी नीव में दिखती है। जब उसकी नींव मजबूत होती है तो वह किसी भी कठिनाई का सामना कर सकता है और उसकी नींव उसका परिवार होता है रिश्ता होता है, रिश्तेदार होते हैं, इसीलिए अपने रिश्तो में पारदर्शिता होना बहुत आवश्यक है। कोई भी रिश्ता सफल तभी होता है जब उसने पारदर्शिता होती है। फिर चाहे वह पति पत्नी का रिश्ता हो, या मां-बाप का रिश्ता हो, या कई रिश्तेदारों का रिश्ता हो, रिश्ते में पारदर्शिता एक सफल रिश्ता की निशानी होती है।

चौथा विचार – खुद को अहमियत देना

खुद को अहमियत दें और सोचे कि आप क्या चाहते हैं। उस चाहत को पूरा करने की कोशिश करें । कभी-कभी अपने लिए थोड़ा सा सोचना चाहिए क्या अच्छा लगता है और क्या नहीं। किसी की देखा देखी मैं सहमत से सर नहीं हिलाना चाहिए किसी भी मुद्दे पर आप का स्वयं का विचार या तर्क होना चाहिए स्वयं की सोच रखनी चाहिए। अपनी जिंदगी जीने के लिए अपने नियम बनाने चाहिए क्योंकि बिना किसी नियम से चलना इशारा करता है कि आप कि जिंदगी के फैसले दूसरे पर आश्रित है। समझना चाहिए कि आपके नियम आपके हो, क्योंकि वजूद आपका बनता है। आपकी अहमियत को बढ़ाता है। सच्चाई है कि जो लोग अपने लिए नियम नहीं बनाता उसे दूसरों के नियम से चलना ही पड़ता है इसीलिए स्वयं को अहमियत देना सीखे।

पांचवा विचार – अकेले में भी खुश रहना

जिंदगी कमाल की तब होती है जब आप अगर अकेले भी हो तो भी खुश रहते है। जैसे आप कहीं भी हो आप अकेले हो लेकिन आपके अंदर विचार ऐसे हैं जो आपको खुश रखे। कुछ सोच के हंसने लगे तब समझ ले कि आप सच में खुश हैं ऐसा होता है। ज्यादातर जब इंसान अकेले होता है तो उसके अंदर नकारात्मक सोच का जन्म होने लगता है। जिससे उसके विचारों में भी नकारात्मकता झलक ने लगती है इसलिए कभी अकेले रहने से डरना नहीं चाहिए उसका सामना करना चाहिए और हमेशा अच्छी यादों का गुलदस्ता साथ में रखना चाहिए

जब आप स्वयं खुश होते हैं, तो आपके आसपास का वातावरण में भी बदलाव नजर आता है। जो मनुष्य खुशी से रहना जानता है, उसे कोई अकेला नहीं छोड़ता है, क्योंकि उसकी खुशी व सकारात्मकता चुम्बक की तरह अपने पास सबको खींच लाती है। सभी इंसान खुश रहना चाहते हैं लेकिन सब अपनी अपनी परेशानियों में दुखी रहते हैं। इसीलिए दुखी मनुष्यों को सकरात्मकता अपनी तरफ आकर्षित करती है ।

सोच यह होनी चाहिए कि परेशानी में भी कैसे शांत रहें और अंदर से सकारात्मकता सोच के साथ खुश रहें। वक्त कभी एक जैसा नहीं रहता है। इसी विचार के साथ आगे बढ़ते रहना चाहिए।

Disclaimer – यहां पर लिखी सभी post किसी भी धर्म, मानवता के विपरीत नहीं है। यह केवल सिर्फ मेरे विचार हैं। जो केवल reader को अपने विचारों से अवगत कराना है। मेरे विचारों से सहमत होना या ना होना यह उनके विचारों पर निर्भर करता है। यहां जो भी कंटेंट है उसके सारे copyright, neetuhindi.com के हैं।

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