Tuesday, May 11, 2021

Don't Miss

Stay Connected

16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe

LATEST ARTICLES

उलझने (जिंदगी कि )

उम्र के साथ जिंदगी अपने आयाम बदलती रहती है ।कभी दुखो का सिरा मिलता है,तो कभी उलझन में ही गुम हो जाता है ।...

मन की व्यथा – विचारों की कथा

"मन की व्यथा विचारों की कथा  सब तितर-बितर हो जाता है ।। जब अपनों से मिलता है, दुख -दर्द तब पीड़ा असहनीय हो जाता है ।। जिंदगी हर...

मनोरंजन के (पुराने संसाधन)

आज से ठीक 30, 35 साल पहले की दुनिया कुछ और थी और आज कुछ और है । बात यहां पर अगर मनोरंजन से...

बुद्धिमान लोगों की पहचान

आज वक्त ऐसा है कि अगर आप के पास बुद्धि नहीं है तो आप के पास कुछ भी नहीं है । दुनिया मे लोग...

दुःख जब सहा न जाये….

जिंदगी कई बार ऐसे चौराहे पर लाकर खड़ा कर देती है ।जैसे लगता है कि हम फंस गए हैं ।परेशानी का हल अब नहीं...

True love

सच्चे प्रेम के कुछ निशानियां कहते हैं कि हर इंसान अपने जीवन में एक बार प्रेम जरूर करता है या  हो जाता है । लेकिन...

किसान (5 मिनट की संवेदनाएं)

उनके मेहनत का ब्रांड तो बड़ी-बड़ी कंपनियां से( 5 किलो का आटा 200, 400 ₹) में बेचकर ना जाने कितने करोड़ों रुपए कमाये । लेकिन जब किसानों की बात आती है । तो जुमला पढ़कर कि किसान हमारे अन्नदाता है - वगैरा-वगैरा बोल कर, उनको गौरवान्वित महसूस करा देते हैं ।

आगहनी (मेला )

मीठे में आटे के बने गुलगुले का विशेष स्थान है। इस दिन पूड़ी सब्जी और बरिया इसका मुख्य भोजन होता है ।

Breaking news( कॉमेडियन भारती सिंह… )

भारती सिंह को कभी भी बनी बनाई खिचड़ी नहीं मिली है। उन्होंने जो भी मुकाम हासिल किया खुद की मेहनत से किया है। जब वह अपने संघर्ष के दिनों में रास्ता नहीं भटकी तो फिर कैसे अपना मुकाम हासिल करने के बाद व्यक्तित्व पर धब्बा लगा लिया।

छठ महापर्व

यह पूजा शुद्धता, आस्था और विश्वास के महापर्व में स्वयं की विनम्रता और सहनशीलता की भावना जागृत होती है। इस महा पर्व मे शुद्धता और विश्वास का भाव प्रमुख है।

Most Popular

उलझने (जिंदगी कि )

उम्र के साथ जिंदगी अपने आयाम बदलती रहती है ।कभी दुखो का सिरा मिलता है,तो कभी उलझन में ही गुम हो जाता है ।...

मन की व्यथा – विचारों की कथा

"मन की व्यथा विचारों की कथा  सब तितर-बितर हो जाता है ।। जब अपनों से मिलता है, दुख -दर्द तब पीड़ा असहनीय हो जाता है ।। जिंदगी हर...

मनोरंजन के (पुराने संसाधन)

आज से ठीक 30, 35 साल पहले की दुनिया कुछ और थी और आज कुछ और है । बात यहां पर अगर मनोरंजन से...

बुद्धिमान लोगों की पहचान

आज वक्त ऐसा है कि अगर आप के पास बुद्धि नहीं है तो आप के पास कुछ भी नहीं है । दुनिया मे लोग...

Recent Comments